RGPV में ग्रेडिंग कैसे होती है
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), भोपाल, मध्य प्रदेश का तकनीकी विश्वविद्यालय है। इसके अध्यादेश के अनुसार हर छात्र का मूल्यांकन लगातार होता है: ट्यूटोरियल, प्रैक्टिकल, होम असाइनमेंट, मिड-सेमेस्टर टेस्ट, क्विज़, सेमिनार और सेमेस्टर के अंत की परीक्षा, सब मिलकर अंतिम अंक बनते हैं। फिर ये अंक एक निरपेक्ष (absolute) तालिका से लेटर ग्रेड और ग्रेड पॉइंट में बदलते हैं।
हर विषय के क्रेडिट उसके पढ़ाने के घंटों से तय होते हैं: हर हफ़्ते एक घंटे का लेक्चर, ट्यूटोरियल या प्रैक्टिकल एक क्रेडिट के बराबर है। सेमेस्टर का SGPA और पूरे कोर्स का CGPA इन्हीं क्रेडिट के हिसाब से निकलता है।
RGPV ग्रेड तालिका (क्रेडिट आधारित ग्रेडिंग सिस्टम)
| ग्रेड | अंक (%) | ग्रेड पॉइंट | प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| A+ | 91 – 100 | 10 | उत्कृष्ट (Outstanding) |
| A | 81 – 90 | 9 | बहुत उत्तम (Excellent) |
| B+ | 71 – 80 | 8 | बहुत अच्छा (Very Good) |
| B | 61 – 70 | 7 | अच्छा (Good) |
| C+ | 51 – 60 | 6 | औसत (Average) |
| C | 41 – 50 | 5 | संतोषजनक (Satisfactory) |
| D | केवल 40 | 4 | सीमांत (Marginal) |
| F | 40 से कम | 0 | फेल |
ध्यान दें कि RGPV की तालिका कई दूसरे विश्वविद्यालयों से अलग है: A+ के लिए 90 नहीं, 91 अंक चाहिए, और हर ग्रेड की सीमा 1 पर ख़त्म होती है (जैसे B+ = 71 से 80)। I (अपूर्ण) और W (वापसी) के भी 0 पॉइंट हैं।
RGPV SGPA और CGPA कैसे निकालें: उदाहरण
SGPA = Σ (cᵢ × pᵢ) ÷ Σ cᵢ
यहाँ cᵢ किसी विषय के क्रेडिट हैं और pᵢ उस विषय का ग्रेड पॉइंट। मान लीजिए एक सेमेस्टर ऐसा रहा:
| विषय | क्रेडिट | अंक | ग्रेड | क्रेडिट × पॉइंट |
|---|---|---|---|---|
| इंजीनियरिंग मैथ्स | 4 | 84 | A (9) | 36 |
| बेसिक इलेक्ट्रिकल | 4 | 76 | B+ (8) | 32 |
| इंजीनियरिंग ग्राफ़िक्स | 3 | 93 | A+ (10) | 30 |
| इंजीनियरिंग फ़िज़िक्स | 3 | 66 | B (7) | 21 |
| कम्युनिकेशन स्किल | 2 | 55 | C+ (6) | 12 |
| वर्कशॉप | 1 | 88 | A (9) | 9 |
| कुल | 17 | 140 |
SGPA = 140 ÷ 17 = 8.24
CGPA = Σ (SGⱼ × NCⱼ) ÷ Σ NCⱼ, जहाँ SGⱼ किसी सेमेस्टर का SGPA है और NCⱼ उस सेमेस्टर के कुल क्रेडिट। यानी हर सेमेस्टर के SGPA को उसके क्रेडिट से गुणा करें, जोड़ें और कुल क्रेडिट से भाग दें।
RGPV CGPA से प्रतिशत और डिविज़न
RGPV अध्यादेश के अनुसार: प्राप्त अंकों का प्रतिशत = CGPA × 10। उदाहरण: CGPA 8.24 = 82.4%। इंटरनेट पर (CGPA − 0.5) × 10 या CGPA × 9.5 जैसे सूत्र भी दिखते हैं, लेकिन वे इस अध्यादेश में नहीं हैं।
- CGPA 7.5 या अधिक: ऑनर्स सहित प्रथम श्रेणी
- CGPA 6.5 से 7.5 से कम: प्रथम श्रेणी
- CGPA 5.0 से 6.5 से कम: द्वितीय श्रेणी
डिग्री के लिए कम से कम CGPA 5.0 चाहिए, और किसी विषय में पास होने के लिए कम से कम D ग्रेड। ये नियम RGPV के उस अध्यादेश से हैं जिसमें क्रेडिट आधारित ग्रेडिंग सिस्टम दिया गया है (स्वीकृत 05/09/2011)। आपके B.Tech बैच का अध्यादेश थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए अपनी ग्रेड शीट और विश्वविद्यालय से पुष्टि करें।
RGPV CGPA: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RGPV में CGPA को प्रतिशत में कैसे बदलें?
RGPV अध्यादेश के अनुसार प्रतिशत = CGPA × 10। जैसे CGPA 8.24 = 82.4%। अपनी ग्रेड शीट पर छपे निर्देश से भी मिलान करें।
RGPV में A+ ग्रेड कितने अंकों पर मिलता है?
91 से 100 अंकों पर A+ (10 पॉइंट) मिलता है। 81 से 90 पर A (9) और 71 से 80 पर B+ (8)।
RGPV में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए?
कम से कम 40 अंक, जिस पर D ग्रेड (4 पॉइंट) मिलता है। 40 से कम अंक F है। डिग्री के लिए CGPA कम से कम 5.0 होना चाहिए।
RGPV में प्रथम श्रेणी के लिए कितना CGPA चाहिए?
CGPA 6.5 या अधिक पर प्रथम श्रेणी और 7.5 या अधिक पर ऑनर्स सहित प्रथम श्रेणी मिलती है। 5.0 से 6.5 से कम पर द्वितीय श्रेणी।
RGPV का SGPA कैसे निकालें?
हर विषय के क्रेडिट को उसके ग्रेड पॉइंट से गुणा करें, सबका योग करें और कुल क्रेडिट से भाग दें। जैसे 140 ÷ 17 = 8.24।
स्रोत
- RGPV, Bhopal: Ordinance (approved 05/09/2011) – Credit Based Grading System, SGPA/CGPA, divisions and percentage conversion
- RGPV अध्यादेश सूची (Ordinance No. 30: Credit Based Grading System)
आख़िरी बार जाँचा गया: 22 अक्टूबर 2026। विश्वविद्यालय के नियम बदल सकते हैं, इसलिए अपना परिणाम हमेशा अपने विश्वविद्यालय के नवीनतम आधिकारिक नियमों से मिला लें। देखें: उपयोग की शर्तें।